भारत सरकार सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना’ (PMFME) चला रही है। इस योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़े उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जा रही है। यह योजना 2020-21 से 2025-26 तक चलेगी और इसमें कुल 10,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
योजना का उद्देश्य
PMFME योजना का उद्देश्य असंगठित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को संगठित बनाना, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को आधुनिक तकनीक अपनाने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग में सहायता दी जाती है।
क्या है ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) मॉडल?
PMFME योजना ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) मॉडल को अपनाती है। इस मॉडल का उद्देश्य प्रत्येक जिले में किसी एक विशेष खाद्य उत्पाद को बढ़ावा देना और उसकी गुणवत्ता में सुधार करना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और पारंपरिक खाद्य उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलती है।
10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता

इस योजना के तहत व्यक्तिगत उद्यमियों को उनकी परियोजना लागत का 35% तक, अधिकतम 10 लाख रुपये तक की क्रेडिट-लिंक्ड पूंजी सब्सिडी दी जाती है।
इसके अलावा, योजना के तहत निम्नलिखित वित्तीय सहायता भी उपलब्ध है:
- स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्यों को प्रति सदस्य 40,000 रुपये तक की बीज पूंजी सहायता दी जाती है।
- किसान उत्पादक संगठन (FPO), SHG और सहकारी समितियों को ब्रांडिंग, मार्केटिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 50% तक की वित्तीय सहायता मिलती है।
योजना के लाभ
- आर्थिक सहयोग: छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों को वित्तीय सहायता मिलती है।
- आधुनिकीकरण: पारंपरिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को नई तकनीक अपनाने में सहायता मिलती है।
- रोजगार सृजन: स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।
- ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग सहायता: उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान मिलती है।
- संगठित उद्योग: असंगठित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को संगठित किया जाता है।
कौन कर सकता है आवेदन?
- खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े हुए सूक्ष्म उद्यमी।
- स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्य।
- किसान उत्पादक संगठन (FPO) एवं सहकारी समितियां।
- वे उद्यम जो मौजूदा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में काम कर रहे हैं और अपने व्यवसाय को बढ़ाना चाहते हैं।
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक उम्मीदवार PMFME योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmfme.mofpi.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज:
- आधार कार्ड और पहचान पत्र।
- व्यवसाय पंजीकरण प्रमाणपत्र।
- बैंक खाता विवरण।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट।
- GST पंजीकरण (यदि लागू हो)।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें

PMFME योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट pib.gov.in और cleartax.in पर भी विस्तृत विवरण उपलब्ध है। इसके अलावा, हेल्पलाइन नंबर 9254997101 और 9254997102 पर संपर्क किया जा सकता है।
निष्कर्ष
PMFME स्कीम 2025 खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में लगे छोटे उद्यमियों के लिए वरदान साबित हो सकती है। यह न केवल आर्थिक मदद प्रदान करती है, बल्कि उद्योग को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और बाजार में प्रतिस्पर्धा करने लायक बनाने में भी सहायक है। यदि आप खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में कार्यरत हैं और अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए बेहतरीन अवसर हो सकती है।

Vikas Lalit is a content writer at RC News, specializing in topics such as government benefits, tax guides, and financial insights in India. He is dedicated to providing accurate and actionable information to help readers navigate complex systems with ease.
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